„فيتامين B12 — نقص خفي يتنكر في صورة الشيخوخة؟”
शाकाहारी (वीगन) लोगों में विटामिन B12 — ज़रूरी सप्लीमेंट या अतिशयोक्ति?
Henryk Różański का कहना है कि केवल वनस्पति-आधारित आहार लेने पर विटामिन B12 देना चाहिए, क्योंकि पौधों में मनुष्य की ज़रूरत के लिए इसकी मात्रा बहुत कम होती है।
उत्तर पढ़ें →विटामिन B12 — छिपी हुई कमी, जो बुढ़ापे जैसी लगती है?
Henryk Różański विटामिन B12 की कमी को याददाश्त कमजोर होने, एनीमिया, मांसपेशियों के क्षय और संवेदना संबंधी विकारों से जोड़ते हैं।
उत्तर पढ़ें →शाकाहार — स्वास्थ्य का मार्ग या पोषक तत्वों की कमी का जोखिम?
प्रो. क्लाउस एफ. कोप्प चेतावनी देते हैं कि असंतुलित शाकाहारी आहार से प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
उत्तर पढ़ें →सीने में जलन और पेट की गोलियाँ — क्या एसिडिटी की दवाएँ वर्षों बाद नुकसान करती हैं?
M. S. Sater और H. A. Giha बताते हैं कि प्रोटॉन पंप इनहिबिटर का लंबे समय तक उपयोग मैग्नीशियम और विटामिन B12 के निम्न स्तर तथा C. difficile संक्रमण के अधिक जोखिम से जुड़ा है।
उत्तर पढ़ें →बी समूह के विटामिन—तनाव से बचाने वाली वह ढाल, जिसे हम भूल जाते हैं?
आंद्रेज फ़्राइड्रिखोव्स्की बताते हैं कि विटामिन B12 तंत्रिका तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य को सहारा देता है, ऊर्जा के चयापचय में भाग लेता है और थकान कम करता है।
उत्तर पढ़ें →कॉफी और ग्रीन टी — सेहत के साथी या छिपे हुए दुश्मन?
हेनरिक रूज़ान्स्की ग्रीन टी को सेहत के लिए संभावित सहायक बताते हैं, लेकिन तेज़ और देर तक भिगोकर बनाई गई चाय तथा चमत्कारी असर के दावों से सावधान करते हैं।
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